कभी कोई उसके कंधे पर सिर रखकर पूछे भी— “तू ठीक है?”
मेरे ठोकरें खाने से भी कुछ लोगो को दिक्कत है,
उसकी यादों ने हर रात मुझे रोने पर मजबूर कर दी।
दिल तोड़कर… सजदों में आँसू बहा रहे हैं।
इस शहर में जीने के अंदाज़ भी क्या निराले हैं,
आपकी एक छोटी-सी प्रतिक्रिया हमारे लिए बड़ी प्रेरणा है।
मोहल्ले की मोहब्बत का भी अजीब फसाना है,
रोज तो वो मरते है जो खुद से ज्यादा किसी और को चाहते हैं…!
बहुत उदास करती हैं मुझको निशानियाँ तेरी.
दूर रहकर भी वो दिल जलाने से Sad Shayari in Hindi बाज़ नहीं आते,
अकेला रह जाना ही अपनी किस्मत मान लिया।
कि अब किसी और पर भरोसा करना मुश्किल हुआ।
उसे जाना था, हमने भी दिल पर पत्थर रखकर जाने दिया,
ज़ख़्म दिल में लिखे थे… लोगों ने मज़ाक समझ लिया,